स्प्रिंकलर मामले में डिप्टी डायरेक्टर राजेंद्र राजौरिया के निलंबन की सिफारिश

उद्यानिकी विभाग में 10 साल पहले किसानों को कागजों में स्प्रिकंलर बांटने और डेढ़ करोड़ की कैशबुक गायब होने के मामले में डिप्टी डायरेक्टर राजेंद्र राजौरिया के खिलाफ विभागीय जांच और निलंबन की कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

भोपाल संभागायुक्त कवीन्द्र कियावत ने प्रमुख सचिव कल्पना श्रीवास्तव को पत्र लिखकर पुरानी और नई जांच के आधार पर कार्रवाई के लिए लिख दिया है। सीहोर के तत्कालीन कलेक्टर अजय गुप्ता ने भी निलंबन के िलए प्रस्ताव भेजा था, लेकिन उद्यानिकी अफसरों ने मामले को दबा दिया था।

उद्यानिकी विभाग की दस साल पुरानी जांच संभागायुक्त ने वापस जिला पंचायत के सीईओ से कराई है। जांच वर्ष 2009-2010 और 2010-2011 की है। माइक्रो सिंचाई योजना में विभाग ने किसानों को स्प्रिंकलर सेट वितरित किए थे। ये स्प्रिंकलर सेट 446 किसानों को देना बताए थे।

जांच में 104 स्प्रिंकलर ही वास्तविकता में बांटे गए गए है। 282 किसानों से मिलकर पता चला कि इन्हें कोई स्प्रिंकलर नहीं मिला है। संभागायुक्त ने राजौरिया के खिलाफ कार्रवाई के लिए कलेक्टर सीहोर के 28 सितंबर 2020 के प्रतिवेदन का ब्यौरा भी भेजा है। संभागायुक्त ने प्रमुख सचिव को सत्यापन रिपोर्ट के साथ कार्रवाई के लिए तत्काल निलंबन और विभागीय जांच के लिए प्रतिवेदन भेजा गया है।

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