झांसी में स्पेशल ट्रेन के टॉयलेट में मिला प्रवासी श्रमिक का शव, कोरोना जांच रिपोर्ट का इंतजार

कोरोनावायरस महामारी के संकटकाल में दिल्ली औरमहाराष्ट्र से पलायन कर घरलौट रहे प्रवासी मजदूरों के शव श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में मिल रहे हैं। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के झांसी जिले का है। यहां रेलवे स्टेशन पर खड़ी श्रमिक स्पेशल ट्रेन के शौचालय में गुरुवार को 38 वर्षीय श्रमिक का शव मिला। वह बस्ती का रहने वाला था। युवकखुद के संसाधनों से 23 मई को मुंबई से झांसी पहुंचा था।जहां प्रशासन ने उसे रोककर गोरखपुर जाने वाली ट्रेन में बिठा दिया था। पांच दिन बादगुरुवार को ट्रेन जब वापस झांसी पहुंची तो सैनिटाइजेशन का काम चल रहा था। इसी दौरान टॉयलेट मेंउसका शव पाया गया। यानी श्रमिक का शव पांच दिनों तक टॉयलेट में ही पड़ा रहा।प्रशासन ने कोरोना जांच के लिए सैंपल लियाहै। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे ने ट्वीट कर बताया है कियात्री ने यात्रा के दौरान कोई भी मेडिकल सहायता नहीं ली थी।

काम की तलाश में मुंबई गया था, नहीं मिल पाया था रोजगारबस्ती जिले थाना गौर के हलुआ गांव निवासी मोहन शर्मा (38 वर्ष) रोजी रोटी की तलाश में मुंबई गया था। लेकिन, लॉकडाउन के कारण उसे काम नहीं मिला तो वह वापस आ रहा था। झांसी जिले में मध्य प्रदेश बॉर्डर पर 23 मई को प्रशासन ने रोक लिया और झांसी से गोरखपुर जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन में बिठा दिया। 27 मई को ट्रेन वापस झांसी पहुंची। इसके बाद लोको स्टाफ कोच की जांच कर रहा था। अन्य कर्मी ट्रेन को सैनिटाइज कर रहे थे, तभी उन्हें कोच नंबर एसई 068 226 के शौचालय में शव मिला। जीआरपी के उप निरीक्षक विजय नारायण पांडे ने बताया कि शव को गाड़ी से उतरवाकर मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया।शव की तलाशी लेने पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम के अलावा 27,182 रुपए, झांसी से गोरखपुर का एक यात्रा टिकट मिला। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कोरोना की जांच के लिए सैंपल लिया है। लेकिन, अभी रिपोर्ट नहीं आई है।

श्रमिक ट्रेनों में अब तक 9 लाशें मिलींवाराणसी, बलिया में बीते बुधवार को 24 घंटे के अंदर दिल्ली और मुंबई से आने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में 8 प्रवासी श्रमिकों की लाशें मिली थीं। जबकि, नई दिल्ली से पश्चिम बंगाल जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन में गुरुवार को एक महिला श्रमिक की मौत हो गई थी। उसका शव इटावा रेलवे स्टेशन पर उतारा गया था। महिला अपनी दो बेटियों और एक दामाद के साथ घर न्यूजलपाईगुड़ी जा रही थी।

रेलवे ने इन आयु वर्ग को दी हिदायतश्रमिक स्पेशल ट्रेनों में मौत के कई मामले सामने आने के बाद अब रेलवे की तरफ से बच्चों और बुजुर्ग या बीमार व्यक्तियों से ट्रेन से यात्रा नहीं करने की अपील की जा रही है। डीआरएम झांसी ने ट्वीट कर लिखा- उत्तर मध्य रेलवे गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं, 10 वर्ष से कम और 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों से अपील करता है कि वे श्रमिक स्पेशल में केवल तभी यात्रा करें जब बहुत आवश्यक हो। यात्री सुरक्षा भारतीय रेल के लिये सर्वोपरि।

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