वो एक बार जल चुकी है, उसे दोबारा कैसे जलाएं, इसलिए दफना रहे हैं: पीड़ित की बड़ी बहन

उन्नाव. मेरी बहन को एक बार जलाया जा चुका है। जलने के बाद तड़प-तड़पकर अपनी जान गंवा चुकी है। अब हम उसे दोबारा जलाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। इसलिए उसे अब दफनाने का फैसला लिया है। यह बात उन्नाव गैंगरेप पीड़ित की बड़ी बहन ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए कही।

उन्होंने बताया कि- "हमारे परिवार की माली हालत बहुत खराब है। इसलिए हम परिवार की एक बेटी के लिए नौकरी की मांग कर रहे थे। इसीलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गांव बुलाने की मांग कर रहे थे। कमिश्नर ने सरकार की ओर से नौकरी और शस्त्र लाइसेंस देने का आश्वासन दिया है, इसके बाद हम अंतिम संस्कार के लिए तैयार हो गए हैं।"

15 घंटे बाद अंतिम संस्कार के लिए निकली शव यात्रापीड़ित को गुरुवार तड़के जला दिया गया था। शुक्रवार देर रात दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया था। शनिवार रात 9 बजे उसका शव गांव पहुंचा। लगभग 15 घंटे घर में शव रखा रहा, उसके बाद अंतिम यात्रा के लिए निकला। परिवार अपने खेत में ही पीड़ित को दफन करेगा।

उलझन में ग्रामीण, तय नहीं कर पा रहे कहां जाएशनिवार की ठंड भारी रात में परिवार पूरी रात बेटी के शव के पास बैठा रहा। सुबह 7 बजे के पुलिस और प्रशासन एक्टिव हुआ तो तमाशबीनों की भीड़ बढ़ने लगी। गांव के इक्का-दुक्का लोग ही वहां नजर आए। एक ग्रामीण ने बताया कि हम लोगों को यही जिंदगी काटनी है। तय नहीं कर पा रहे हैं कि कहां जाएं। पीड़ित और आरोपी परिवार के गांव में सब से संबंध हैं। इसलिए कोई किसी से बुराई नहीं लेना चाहता है। पीड़ित की अंतिम यात्रा में भी ग्रामीणों से ज्यादा तमाशबीन, प्रशासन, पुलिस और मीडिया कर्मी ही थे। कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और मंत्री कमला रानी वरुण भी अंतिम संस्कार में पहुंचे।

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