बहन को सरकारी नौकरी और परिवार को शस्त्र लाइसेंस का भरोसा, अंतिम संस्कार के लिए शव यात्रा निकली

उन्नाव.दुष्कर्म पीड़ित का शव शनिवार देर शाम पुलिस सुरक्षा में दिल्ली से उसके घर पहुंचा। रविवार सुबह कमिश्नर मुकेश मेश्राम और आईजी एसके भगत ने सरकार की ओर से परिवार को शस्त्र लाइसेंस और पीड़ित की बहन को सरकारी नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया, इसके बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर निकले। कड़ी सुरक्षा के बीच पीड़ितका शव अंतिम संस्कार स्थल तक ले जाया गया। कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और मंत्री कमला रानी वरुण उन्नाव दुष्कर्म पीड़ितके अंतिम संस्कार में पहुंचे।

इससे पहले पीड़ित के पिता ने कहा था कि मेरी बेटी पहले ही जल चुकी है। अब उसे फिर नहीं जलाया जाएगा। उसकेशव को कुसहा गांव में खेत मेंदफनाया जाएगा। इसी बीच पीड़ित का शव पहुंचने के बाद आसपास के गांवों के लोग भी श्रद्धांजलि देने उसके घरपहुंचे। पीड़ित के घर करीब 200 पुलिसकर्मियों कोतैनात किया गया है।

आरोपियों के घर में सन्नाटा है, केवल महिलाएं मौजूद

90% झुलसी पीड़ित ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में शुक्रवाररात 11.40 बजे कार्डियक अरेस्ट के बाद दम तोड़ दिया था।मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पीड़ित के शरीर मेंजहर या दम घुटने के संकेत नहीं मिले। गंभीर रूप से जलने से उसकी मौत हुई। वहीं, आरोपियों के घरों में सन्नाटा है। यहां केवल महिलाएं ही नजर आईं। उनकी मांग है कि इस मामले की सीबीआई जांच कराई जाए।

पिता ने कहा- क्या 25 लाख में मेरी बेटी वापस आ जाएगी?

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रीस्वामी प्रसाद मौर्य ने पीड़ित परिवार को 25 लाख का चेक सौंपा। पीड़ित के पिता ने कहा-क्या 25 लाख में मेरी बेटी वापस आ जाएगी। हालांकि लोगों के समझाने पर परिवार नेचेक ले लिया। सपा नेताओं ने 50 लाख रुपए देने की मांग की, तो स्वामी ने जवाब दिया कि सपा ने बदायूं गैंगरेप में पीड़िताओं को कोई मदद नहीं दी थी। उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही बोल चुके हैं कि केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा।

जमानत पर छूटे आरोपियों ने गुरुवार को जला दिया था

जमानत पर छूटे दुष्कर्म के आरोपियों ने पीड़ित को गुरुवार तड़के जला दिया था। जलते शरीर के साथ ही एक किमी तक भागकर उसने लोगों की मदद से पुलिस को आपबीती बताई थी। गुरुवार देर शाम उसे एयरलिफ्ट कर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल लाया गया था। डॉ. गुप्ता ने बताया था, ‘‘अस्पताल पहुंचने के बाद पीड़ित पूछ रही थी कि वह बच तो पाएगी? वह जीना चाहती थी। उसने अपने भाई से कहा था कि उसके गुनहगार बचने नहीं चाहिए।’’ पांचों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए थे। इनमें से दो वही हैं, जिन्होंने उसके साथ दुष्कर्म किया था।

भाई से वादा लिया था- गुनहगारों को मत छोड़नाजब पीड़ित सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट की गई थी,तो वह होश में थी। दर्द से कराहते हुए उसने अपने भाई से कहा- मैं मरना नहीं चाहती। पीड़ित ने अपने भाई से वादा भी लिया कि उसके गुनहगारों को मत छोड़ना। हालांकि, उसके बाद वह कुछ बोल नहीं पाई।

प्रत्यक्षदर्शी ने कहा था कि पीड़ित को देखकर डर गया था

पीड़ित को जलाने के बाद आरोपी मौके से भाग गए। इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी रविन्द्र ने बताया था कि वह दूर से दौड़ती आ रही थी। वह चीख रही थी- बचाओ-बचाओ। मैंने पूछा भी कि तुम कौन हो? उसके पूरे शरीर में आग लगी हुई थी। यह देखकर मैं डर गया। मुझे लगा कि कोई भूत है। मैं घर से डंडा और कुल्हाड़ी लेकर उसके सामने गया। फिर उसने अपने पिता का नाम बताया। फिर पुलिस हेल्पलाइन डायल कर पीड़ित के बारे में बताया। पीड़ित ने पुलिस को पूरी बात बताई, फिर पुलिस उसे लेकर गई।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today The body of the victim reached home; Ada family on demand to call Chief Minister before funeral; Sister sought government job अंतिम संस्कार के लिए कुसहा गांव जाती शव यात्रा। परिजन ने पीड़ित के शव को अपने खेत में ही दफनाया। शनिवार देर रात दिल्ली से उन्नाव जिले के हिंदूनगर गांव पहुंचा पीड़ित का शव। घर में शव पहुंचते ही बिलख पड़े परिजन को संभालता पीड़ित का भाई। पीड़ित के घर उसका शव ले जाते पुलिस अधिकारी।

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