कितनी मजबूरी में बोलनी पड़ती हैं बेचारे मर्दों को इस तरह की बातें

“सौ टका टंच माल” मर्दों को बताने लगे कि सियायत कैसे होती है तो वीर जवानों का खून नहीं खौलेगा? वीर जवानों का खून तो इस बात पर भी खौलने लगा कि रेप की सजा फांसी क्‍यों हो.