नासा रॉवर चैलेंज में भारत की तीन टीमों ने जीते अवार्ड

वॉशिंगटन. नासा की ह्यूमन एक्सप्लोरेशन रॉवर चैलेंज प्रतियोगिता में भारत की तीन टीमों ने अवार्ड जीते। अलबामा के हांट्सविले स्थित यूएस स्पेस एंड रॉकेट सेंटर में यह प्रतियोगिता हर साल आयोजित की जाती है। गाजियाबाद के काइट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन ने एआईएए नील आर्मस्ट्रांग बेस्ट डिजाइन अवार्ड जीता। जबकि मुंबई के मुकेश पटेल स्कूल ने फ्रेंक जो सेक्सटन मेमोरियल पिट क्रू अवार्ड के साथ सिस्टम सेफ्टी चैलेंज अवार्ड को भी अपने नाम किया।

पंजाब के फगवाड़ा जिले की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने स्टेम एंगेजमेंट अवार्ड जीता। इस दौरान नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता सुनी विलियम्स ने प्रतियोगिता में भागीदारी करने वाली टीमों को महत्वपूर्ण टिप्स भी दिए।

जर्मनी के लीपजिग स्थित इंटरनेशनल स्पेस एजुकेशन इंस्टीट्यूट ने हाईस्कूल डिवीजन में 91 अंक अर्जित करके पहला स्थान हासिल किया। जबकि यूनिवर्सिटी ऑफ प्यूर्टो रिको मायागाज 101 अंक लेकर कॉलेज/यूनिवर्सिटी डिवीजन में अव्वल रही।

सूत्रों का कहना है कि डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया, प्यूर्टो रिको के अलावा प्रतियोगिता में 23 राज्यों की लगभग 100 टीमों ने हिस्सा लिया। इस दौरान भारत, पेरू, बांग्लादेश, मोरक्को जैसे देशों से आए विद्यार्थियों ने भी अपना हुनर दिखाया।

प्रतियोगिता में हाईस्कूल और कॉलेज की टीमों को रॉविंग व्हीकल तैयार करने की चुनौती दी गई थी। छात्रों को हिदायत थी कि अपने डिजाइन अपोलो-लुनार, मून और मार्स मिशन को ध्यान में रखकर तैयार करें।

मार्शल स्थित स्टेम एंगेजमेंट के प्रबंधक बॉब मसग्रोव का कहना है कि 1969 में चंद्र मिशन की आधारशिला रॉवर कोर्स के माध्यम से ही रखी गई थी। हर साल प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमें अपने हुनर और क्षमता का प्रदर्शन करती हैं।

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