कोमा में थी 9 महीने की बेटी और गलने लगी थीं हडि्डयां, जब वजह आई सामने तो चौंक गए मां-बाप, मासूम की जिंदगी के लिए बाप की लड़ाई अब 8 महीने बाद लाई राहत भरी खबर

महासमुंद। नर्स की लापरवाही का खामियाजा एक बच्ची पिछले 8 महीने से भुगत रही है। डेढ़ साल की ये मासूम जब 9 महीने की थी तो उसे एक इंजेक्शन लगाया गया था। जिसके कुछ ही दिनों बाद वह कोमा में चली गई और उसकी हडि्डयां गलने लगीं। मां-बाप इसकी वजह नहीं समझ पा रहे थे। लेकिन मासूम की जिंदगी के लिए पिता की जंग अब 8 महीने बाद राहत भरी खबर लाई है। आइए जानते हैं पूरा मामला....

9 माह की बेटी को लगवाया था टीका

- पिथौरा ब्लॉक में रविशंकर बताते हैं कि उन्होंने पिछले साल 29 मई 2018 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपनी 9 महीने की बेटी को टीका लगवाया था।- ये टीका महिला नर्स ने खुद न लगाकर अपनी अप्रशिक्षित सहयोगी से लगवाया। टीका लगने के कुछ दिन बाद से ही बच्ची के हाथ में संक्रमण फैलने लगा।

गल रही हैं बच्ची के हाथ की हड्डियां

- रविशंकर ने बताया कि बेटी के हाथ में संक्रमण फैलने के बाद वह कोमा में भी चली गई। इसके बाद निजी अस्पताल में इलाज कराया तो पता चला कि जो टीका लगवाया था उसके ही कारण बेटी की ये हालत हो रही है, इसके बाद बेटी के हाथ की हडि्डयां भी गलने लगीं।- बच्ची के पिता का कहना है कि उन्होंने मामले में 4 महीने बाद ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अग्रवाल, उनकी चिकित्सा अधीनस्थ एस.बी. गाड़ियां और उनकी सहयोगी अप्रशिक्षित नर्स और प्रभारी डॉक्टर के खिलाफ पुलिस में शिकायत की थी।

कोर्ट में याचिका दाखिल की तब दर्ज हुई FIR

- बच्ची के पिता ने बताया कि उन्होंने अक्टूबर में पुलिस को शिकायती आवेदन दिया था। वहीं एसपी, कलेक्टर, यहां तक कि प्रधानमंत्री तक शिकायत की, लेकिन किसी ने भी संतोषजनक मदद नहीं की।- पिता रविशंकर ने कहा कि अंत में मैंने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। जिसमें मेरी बेटी को उचित इलाज उपलब्ध कराने के लिए मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया गया है।- पिता ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस ने 7 फरवरी को नर्स एस. बी. गाड़ियां और उसकी सहयोगी के खिलाफ FIR दर्ज की है।

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