11 नए बिंदुओं पर नान घोटाले की जांच शुरू, स्पेशल टीम के 26 शामिल नहीं

रायपुर .ईओडब्लू-एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम की एसआईटी ने 11 नए बिंदुओं के अनुसार नान घोटाले की जांच शुरू कर दी है। स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम के अफसरों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसीबी के 26 अफसरों और जवानों वाली टीम के सदस्यों को जांच टीम से अलग रखा गया है। सभी को फील्ड से हटाकर अफसरों के साथ अटैच कर दिया गया है। 2014 में नागरिक आपूर्ति निगम में छापे में इन अफसरों और जवानों की सबसे अहम भूमिका थी।

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नान में छापा मारने के पहले लेन-देन के गोलमाल का पूरा इनपुट इसी स्पेशल टीम के सदस्यों ने कलेक्ट किया था। इन्हीं के इनपुट के बाद नान के रायपुर स्थित मुख्यालय के अलावा राज्य के 22 अलग-अलग कार्यालयोें व कर्मचारियों के ठिकानों पर छापे मारे गए थे। नान की कार्रवाई में कई बिंदुओं पर जांच अधूरी छोड़ने के कारण टीम भी जांच के घेरे में आ गई। माना जा रहा है कि इसी वजह से टीम को फिलहाल किसी भी तरह के काम में नहीं लगाया गया है।

अलबत्ता एसआईटी में शामिल अफसरों को उनकी विशेषज्ञता के अनुसार जिम्मेदारियां बांट दी गई है। तीन महीने के भीतर एसआईटी को अपनी रिपोर्ट सौंपनी है, इस वजह से आला अफसर रोज बैठक लेकर दिनभर की रिपोर्ट ले रहे हैं। एक-एक से पूछा जा रहा है कि उन्होंने क्या किया और पूरी रिपोर्ट कब तक पेश करेंगे।

मई में फैसला इसलिए नहीं रुकेगी सुनवाई :एसीबी की स्पेशल कोर्ट ने नान घोटाले की सुनवाई रोकने से इनकार कर दिया है। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के कारण सुनवाई रोकने की अनुमित नहीं दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने नान के मैनेजर और घोटाले के मुख्य आरोपी शिव शंकर भट्ट की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए मई तक इस केस का फैसला सुनाने के निर्देश दिए हैं। तीन महीने सुनवाई रोकने पर मई में केस का फैसला सुनाना संभव नहीं रहेगा। इस वजह से कोर्ट ने एसआईटी के माध्यम से नान घोटाले की जांच की अनुमति तो दी लेकिन सुनवाई रोकने से मना कर दिया।

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