बच्चों ने साइंस मॉडल से दिखाई भविष्य की चिंता

वात्सल्य स्कूल में विज्ञान मेले का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा अनेक मॉडल बनाए गए। किसी भी राष्ट्र की प्रगति में विज्ञान का अहम योगदान होता और विद्यार्थी ही देश का भविष्य होते हैं। इसी विचार को चरितार्थ करते हुए विद्यार्थियों ने विज्ञान के साथ भविष्य की योजनाओं को अपने मॉडल के रूप में प्रदर्शित किया। विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े मॉडल जैसे रेन वाटर हार्डवेस्टिंग, ड्रिप एरिगेशन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, प्रदूषण को रोकने के उपाय, बाढ़ नियंत्रण, मिट्टी के अपरदन को रोकना, भूकंप रोधी इमारतों का निर्माण आदि मॉडल प्रस्तुत किए गए। इस प्रदर्शनी में विद्यालय के कक्षा 5वीं से लेकर 8वीं तक के छात्र-छात्राओं ने विज्ञान के सिद्धांतों के माडल्स बनाए थे। उप प्राचार्या नम्रता अराेरा ने कहा कि विज्ञान मॉडल बच्चों के बौद्धिक विकास और सोच को बढ़ावा देते हैं। आधुनिक युग में विज्ञान के माध्यम से कार्यों की सुगमता को सहजता से और अधिक कैसे किया जा सके यह बच्चे जानते हैं। इस प्रकार की विज्ञान प्रदर्शनी से बच्चों में उत्साहवर्धन के साथ-साथ अन्य से संवाद करने का मौका मिलता है। बच्चों के पालकों ने तैयार किए गए माॅडल देखे और हौसला बढ़ाया। वात्सल्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र छात्राओं ने शनिवार को लगाई विज्ञान प्रदर्शनी को देखने पहुंचे अभिभावक। बिजली की कमी, जल संरक्षण की चिंता विज्ञान प्रदर्शनी में बच्चों ने अपने विज्ञान माॅडल में बिजली की कमी, पर्यावरण और जल संरक्षण की चिंता साफ दिखाई है। उनके द्वारा बनाए गए विज्ञान मॉडल इन्हीं समस्याओं के हल खोजते हुए बनाए गए है । इन मॉडलों में बिजली उत्पादन के वैकल्पिक तरीकों पर फोकस किया गया है। मॉडलों में प्रदूषण के उपाय भी बच्चों ने बताए।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Vidisha News - mp news children face future concerns with science model