निगमों में 50% तक कम होगा प्रॉपर्टी टैक्स 1000 स्क्वा. फीट पर 400 रु. कम देने होंगे

यशवंत साहू। भिलाई.प्रदेश की नई सरकार छत्तीसगढ़ के सभी निकायों में प्रॉपर्टी टैक्स कम करने जा रही है। यह टैक्स 50 फीसदी तक कम होगा। इससे प्रदेश की जनता को बड़ी राहत मिलेगी। दो साल पहले सभी निकायों में 15 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक प्रॉपर्टी टैक्स की वृद्धि हुई थी। तब कांग्रेस ने बढ़ाया गया था। इसमें भिलाई निगम में सबसे ज्यादा टैक्स की बढ़ोत्तरी हुई थी। अब इन सबके लिए राहतभरी खबर है।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इसके लिए एक्सरसाइज शुरू भी कर दी है। विभाग के सेक्रेटरी और डायरेक्टर निरंजन दास ने सभी निकायों से टैक्स से संबंधित जानकारी मांगी है। निकायों से पूछा है कि, 2015-16 में प्रॉपर्टी टैक्स कितना बढ़ाया गया था? अभी कितना कम कर सकते हैं? निरंजन दास ने बताया कि, टैक्स की दर कम करने के लिए अभी ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। जल्द ही पूरा ड्राफ्ट सरकार के समक्ष पेश किया जाएगा।

गुरुवार को ही चीफ सेक्रेटरी अजय सिंह ने विभाग से इस संबंध में जानकारी मांगी है। वहीं प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अपने जन घोषणा पत्र में वादा किया था कि प्रॉपर्टी टैक्स 50 प्रतिशत तक कम किया जाएगा। एक्जीक्यूशन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने काम शुरू कर दिया है। शुक्रवार को भिलाई में देवेंद्र यादव अफसरों की मीटिंग भी लेने वाले हैं।

एरिया अभी संभावित टैक्स 500 540 256.6 1000 1350 684 1500 2430 1282.50 2000 4050 2052 एरिया अभी संभावित टैक्स 500 324 175.50 1000 1080 351 1500 1944 702 2000 2592 1170 एरिया अभी संभावित टैक्स 500 243 148.50 1000 648 297 1500 1215 594 2000 1944 792 एरिया अभी संभावित टैक्स 200 216 140.50 450 486 315.90 600 648 421.20 1000 1440 702 1500 2700 1404 2000 4320 2340

(सभी आंकड़े निगम के अनुसार, एमआईसी व शासन के फैसले के बाद स्लैब कम-ज्यादा हो सकता है)

प्रदेश में प्रॉपर्टी टैक्स कम कराने के लिए नगर भिलाई निगम की भूमिका महत्वपूर्ण है। मेयर और नवनिर्वाचित विधायक देवेंद्र यादव ने सीएम भूपेश से एक दिन पहले ही चर्चा की। इसके बाद सीएम भूपेश ने चीफ सेक्रेटरी को निर्देश दिए। गुरुवार को सीएस ने यूएडी के डायरेक्टर से चर्चा की।

सरकार के इस फैसले के बाद भिलाई, कोरबा और रायपुर जैसे निगमों को छोड़ दे तो बाकी निगमों में असर ज्यादा देखने को मिलेगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से जुड़े एक अफसर बताते हैं कि, 10 से अधिक निगमों की माली हालत बहुत खराब है। इस फैसले के बाद इन निगमों में कर्मियों की सैलरी देने तक के लिए राजस्व वसूली नहीं होगी। भिलाई और कोरबा निगम में राजस्व वसूली की स्थिति बेहतर है।

वर्ष 2015-16 में तत्कालीन रमन सरकार ने निगमों की माली हालत को दुरूस्त करने के लिए 50 प्रतिशत तक टैक्स वृद्धि करने का आदेश दिया था। तब प्रदेशभर में कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर आंदोलन किया। 2015 के भिलाई निगम चुनाव में कांग्रेस ने इसे प्रमुख मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ा।

प्रदेश में सबसे ज्यादा टैक्स भिलाई निगम में बढ़ा था। यहां 17 से 61% तक टैक्स बढ़ाया गया था। 10 सितंबर 2016 से बढ़ा हुआ प्रॉपर्टी टैक्स लागू हुआ। टैक्स बढ़ने के बाद जिन लोगों ने टैक्स जमा कर चुके थे उनसे डिफरेंस की राशि जमा करवाई गई थी।

भाजपा की सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स वृद्धिकर जनता पर अतिरिक्त भार दिया था। उस भार को कांग्रेस सरकार कम करने जा रही है। सीएम भूपेश बघेल ने इसकी घोषणा की थी। टैक्स कम करने कार्रवाई शुरू हो गई है।

देवेंद्र यादव,विधायक व मेयर, भिलाई

प्रॉपर्टी टैक्स कम करने का फैसला प्रदेश सरकार का है। 2015-16 में 50 प्रतिशत तक वृद्धि हुई थी। प्रॉपर्टी टैक्स कम करने सभी निकायों से जानकारी मांगी गई है।

निरंजन दास, सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, छग शासन

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