पर्यावरण बचाने और ट्रैफिक से निपटने के लिए सार्वजनिक परिवहन फ्री करेगी सरकार

लक्जेमबर्ग सिटी. यूरोपीय देश लक्जेमबर्ग अगले साल गर्मियों तक सार्वजनिक परिवहन मुफ्त कर देगा। ऐसा करने वाला वह दुनिया का पहला देश होगा। लिहाजा लक्जेमबर्ग में बस, ट्रेन और ट्राम की यात्रा के लिए कई लोगों को कोई पैसा नहीं चुकाना पड़ेगा। देश के पर्यावरण को बचाने और ट्रैफिक की समस्या से निजात पाने के लिए सरकार खास योजना तैयार कर रही है।

बुधवार को जेवियर बेटल ने लक्जेमबर्ग के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता बेटल ने सोशलिस्ट वर्कर्स पार्टी और ग्रीन पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाई। बेटल ने चुनाव अभियान में ही साफ कर दिया था कि वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट को फ्री कर देंगे।

लक्जेमबर्ग की राजधानी लक्जेमबर्ग सिटी की यातायात व्यवस्था को दुनिया के सबसे खराब ट्रैफिक में से एक माना जाता है। एक लाख 10 हजार की आबादी वाले इस शहर में 4 लाख लोग काम करने के लिए आते हैं।

एक शोध बताता है कि लक्जेमबर्ग सिटी में 2016 में जाम के दौरान एक ड्राइवरके औसतन 33 घंटे खराब हुए। पूरे देश की आबादी 6 लाख है। 2 लाख लोग पड़ोसी देशों फ्रांस, बेल्जियम और जर्मनी से सीमा पार कर यहां काम करने आते हैं।

सरकार पहले ही 20 साल तक के बच्चों के लिए मुफ्त ट्रांसपोर्ट की घोषणा कर चुकी है। सेकंडरी स्कूल के बच्चों को घर से स्कूल आने-जाने के लिए फ्री सर्विस शुरू की गई है।

यही नहीं किसी भी व्यक्ति को 2 घंटे से ज्यादा की यात्रा करने के लिए 1.78 पाउंड (महज 160 रुपए) ही चुकाने होंगे। यानी 2590 वर्गकिमी क्षेत्रफल वाले देश को घूमने के लिए किसी व्यक्ति को 160 रुपए ही चुकाने होंगे।

लक्जेमबर्ग में 2020 से सभी तरह की टिकट बंद कर दी जाएंगी। लिहाजा किराए के संग्रह और टिकट खरीद पर निगरानी रखने की बचत होगी। हालांकि फ्री ट्रांसपोर्ट के लिए नीति कैसे तैयार की जाएगी, इस पर सरकार ने फिलहाल तय नहीं किया है। ट्रेन में फर्स्ट-सेकंड क्लास कंपार्टमेंट के किराए पर भी ध्यान देना होगा।

बेटल सरकार ने ऐलान किया है कि लक्जेमबर्ग में भांग (कैनाबिस) की खरीदी-बिक्री और भंडारण को अवैध नहीं माना जाएगा। वहीं सरकार ने कुछ नई छुट्टियों का भी ऐलान किया है।

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