मुस्लिम दोस्त की पत्नी को बहन माना, उसी परिवार के साथ 25 साल तक गुरमीत मामा बनकर रहे, मौत के बाद उसके बेटे अमजद ने दी मुखाग्नि

गुना(एमपी)। अपने पिता के जिगरी दोस्त गुरमीत सिंह सिख को 25 साल मुस्लिम परिवार ने अपने साथ रखा, जब उनकी मृत्यु हुई तो दोस्त के बेटे अमजद खान ने ही मुखाग्नि देकर मानवता का धर्म निभाया। उनका अंतिम संस्कार सिख परंपरा के अनुसार किया गया। इस दौरान गुरुद्वारा समिति के सदस्य भी मौजूद थे। उनकी सलाह पर मुस्लिम परिवार ने अंतिम क्रियाएं पूरी की। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें